14 जून से शुरू होगा ऐतिहासिक पराशर सरनाहुली मेला, प्रशासन ने तैयारियां तेज कीं
डलहौज़ी हलचल | मंडी
मंडी जिले के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक पराशर सरनाहुली मेले का आयोजन इस वर्ष 14 से 16 जून तक किया जाएगा। लोक आस्था, संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक इस तीन दिवसीय जिला स्तरीय मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को डीआरडीए समिति हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में एसडीएम सदर मंडी रूपिंद्र कौर ने विभिन्न विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होंगे विशेष प्रबंध
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम रूपिंद्र कौर ने कहा कि पराशर मेला प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य, पेयजल और परिवहन व्यवस्था पर विशेष जोर
प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। जल शक्ति विभाग को निर्बाध पेयजल आपूर्ति और आवश्यकता पड़ने पर पेयजल टैंकर उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
वहीं, हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त बस सेवाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़कों की मरम्मत और संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे
लोक निर्माण विभाग को पराशर जाने वाले मार्गों की मरम्मत, सुरक्षा उपाय और आवश्यक साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटन विभाग भी मार्ग के विभिन्न स्थानों पर दिशासूचक बोर्ड स्थापित करेगा, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
मेले में शराब, बीयर और सिगरेट की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
एसडीएम रूपिंद्र कौर ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान शराब, बीयर, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुलिस और आबकारी विभाग को विशेष निगरानी रखने तथा नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण रहेगा प्राथमिकता
बीडीओ सदर को मेला परिसर में साफ-सफाई, सार्वजनिक शौचालयों और कचरा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विक्रेताओं को अपनी दुकानों के बाहर कूड़ेदान रखना अनिवार्य किया गया है ताकि मेला परिसर स्वच्छ बना रहे।
सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का भी होगा आयोजन
प्रशासन ने स्थानीय मेला समिति के साथ समन्वय स्थापित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं और अन्य आकर्षक गतिविधियों की तैयारियां भी समय रहते पूरी करने को कहा है। विभिन्न विभागों को अपनी योजनाओं और विकास कार्यों से संबंधित प्रदर्शनियां एवं जागरूकता स्टॉल लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सफल आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन
मेले के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने में सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी समीर, जिला भाषा अधिकारी रेवती सैणी, वरिष्ठ अधिशासी अभियंता विद्युत राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
