मुख्यमंत्री सुक्खू से मिले पेंशनर्स संघर्ष समिति के प्रतिनिधि, OPS और बकाया भुगतान पर दिया बड़ा आश्वासन

डलहौज़ी हलचल (शिमला): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आज हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने पेंशनरों की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि […]
मुख्यमंत्री सुक्खू से मिले पेंशनर्स संघर्ष समिति के प्रतिनिधि, OPS और बकाया भुगतान पर दिया बड़ा आश्वासन

डलहौज़ी हलचल (शिमला): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आज हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

मुख्यमंत्री ने पेंशनरों की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

चार दिन में होगा चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के बकाया का भुगतान

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि चतुर्थ श्रेणी के पेंशनरों के लंबित बकाया का भुगतान चार दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने बताया कि पेंशनभोगियों और कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी मामलों को भी चार दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

OPS हर हाल में जारी रहेगी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से एकीकृत पेंशन योजना (UPS) लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार हर स्थिति में OPS के लाभ जारी रखेगी।

केंद्र पर वित्तीय भेदभाव का आरोप

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आरोप लगाया कि OPS लागू करने के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान (RDG) भी बंद कर दिया गया है, जिससे प्रदेश को हर वर्ष 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को राजस्व घाटा अनुदान के तहत 54,000 करोड़ रुपये और GST मुआवजे के रूप में 16,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि वर्तमान सरकार को RDG के रूप में केवल 17,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

वित्तीय चुनौतियों के बावजूद पेंशनरों के हित सुरक्षित

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वित्तीय चुनौतियों और बाधाओं के बावजूद प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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