हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बूस्ट, साल के अंत तक सभी मेडिकल कॉलेज होंगे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वर्ष 2026 के अंत तक हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग में भर्ती और नई सुविधाओं पर भी बड़ा फैसला।
हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बूस्ट, साल के अंत तक सभी मेडिकल कॉलेज होंगे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस

डलहौज़ी हलचल | शिमला

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को वर्ष 2026 के अंत तक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर उपचार के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भरता कम हो।

मुख्यमंत्री गुरुवार को शिमला में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया को दी जा रही गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार ने हजारों पदों पर भर्ती की है। वर्तमान में विभिन्न पैरामेडिकल श्रेणियों के 71 पदों तथा 50 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 162 नए पैरामेडिकल पदों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक सुविधाएं विकसित कर रही है, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

टांडा, हमीरपुर और चमियाणा में बनेंगी अत्याधुनिक लैब

मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी (AIMSS) चमियाणा में अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

IGMC में पीईटी स्कैन मशीन, टांडा और हमीरपुर में खरीद प्रक्रिया जारी

उन्होंने जानकारी दी कि आईजीएमसी शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है, जबकि टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों के लिए पीईटी स्कैन मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से प्रदेश के मरीजों को समय पर सटीक जांच और बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

मेडिकल छात्रों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक माहौल

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रत्येक बैच में 60 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि:

  • आईजीएमसी शिमला में तीन लेक्चर थिएटर और एक परीक्षा भवन के निर्माण के लिए 5.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • टांडा मेडिकल कॉलेज में लेक्चर थिएटर निर्माण के लिए अतिरिक्त 14.13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

चमियाणा में बन रहे नए ब्लॉक

मुख्यमंत्री ने बताया कि AIMSS चमियाणा में 23.75 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल ब्लॉक तथा 42 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त ब्लॉक का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।

घर के नजदीक मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाएं पूरी होने और आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होने के बाद प्रदेश के लोगों को अपने घर के निकट ही आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने और चिकित्सा सुविधाओं को विश्वस्तरीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

बैठक में महाधिवक्ता अनुप रतन, प्रधान सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, विशेष सचिव डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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