कांगड़ा में बढ़ी गर्मी और वनाग्नि का खतरा, प्रशासन ने शुरू की बड़ी तैयारी

हीटवेव और वनाग्नि को लेकर कांगड़ा प्रशासन अलर्ट, उपायुक्त हेमराज बैरवा ने दिए सख्त निर्देश
कांगड़ा में बढ़ी गर्मी और वनाग्नि का खतरा, प्रशासन ने शुरू की बड़ी तैयारी

डलहौज़ी हलचल (धर्मशाला): जिला कांगड़ा में बढ़ती गर्मी, संभावित हीटवेव, वनाग्नि और जल संकट की चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय स्थित एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों को समन्वित तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए त्वरित सूचना आदान-प्रदान, संसाधनों की उपलब्धता और विभागीय तालमेल अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने वन विभाग, जल शक्ति विभाग, अग्निशमन विभाग, जिला आपदा परिचालन केंद्र (DEOC) और फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया।

वनाग्नि संभावित क्षेत्रों की होगी मैपिंग

उपायुक्त ने निर्देश दिए कि वनाग्नि संभावित क्षेत्रों की मैपिंग की जाए तथा उपलब्ध संसाधनों जैसे फायर स्टेशन, जल स्रोत, वाहन और मानव संसाधन की विस्तृत सूची तैयार की जाए।

उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों की सूची एसडीएम, अग्निशमन विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाए ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

पेयजल संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश

जल संकट की आशंका को देखते हुए उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आवश्यकतानुसार पानी के टैंकर तैनात करने और जल वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी कहा।

अग्निशमन विभाग को आधुनिक उपकरणों के उपयोग के निर्देश

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने अग्निशमन विभाग को वनाग्नि और अन्य अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

टोल फ्री नंबर भी किए जारी

प्रशासन ने वनाग्नि और आपदा संबंधी घटनाओं की सूचना के लिए राज्य स्तरीय टोल-फ्री नंबर 1800-180-1916 जारी किया है।

इसके अलावा जिला आपदा परिचालन केंद्र (DEOC) के टोल-फ्री नंबर 1077 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

बैठक में एडीएम शिल्पी बेक्टा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

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