लाहुल-स्पीति में ग्लेशियर और भूस्खलन का कहर, संकट में घिरे भरमौर के भेड़पालक; सभी सुरक्षित
डलहौज़ी हलचल | चंबा/भरमौर
लाहुल-स्पीति जिले के उदयपुर उपमंडल के हुडकोष गोठ क्षेत्र में ग्लेशियर खिसकने और भारी भूस्खलन की घटना के बाद भरमौर के भेड़पालकों के सामने संकट की स्थिति पैदा हो गई। प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी भेड़पालक सुरक्षित हैं। पशुधन के नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द ही संयुक्त टीम मौके का निरीक्षण करेगी।
भरमौर के चार भेड़पालक थे क्षेत्र में मौजूद
प्राप्त जानकारी के अनुसार भरमौर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गान (गांव स्क्रैना) के ठाकुर राम, पप्पू राम, झपल और पृथु राम अपने लगभग 1,500 भेड़-बकरियों के रेवड़ के साथ हुडकोष क्षेत्र में डेरा डाले हुए थे। इसी दौरान क्षेत्र में अचानक ग्लेशियर खिसकने और भूस्खलन की घटना हुई।
प्रारंभिक सूचना के अनुसार 10 से 12 भेड़-बकरियों के मरने की आशंका जताई गई है। वास्तविक नुकसान का आकलन प्रशासनिक टीम के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
नेटवर्क ठप होने से परिजनों की बढ़ी चिंता
घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण भेड़पालकों से संपर्क नहीं हो सका। मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध न होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई और वे अपनों की कुशलक्षेम को लेकर परेशान रहे।
जिला प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
जानकारी मिलते ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी ने लाहुल-स्पीति की उपायुक्त किरण भड़ाना से दूरभाष पर संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी तथा प्रभावित भेड़पालकों के लिए तत्काल राहत एवं सहायता की मांग की।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पुलिस एवं राहत दल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार सभी भेड़पालक सुरक्षित बताए गए हैं।
नुकसान के आकलन के लिए जाएगी संयुक्त टीम
जिला प्रशासन ने बताया कि भेड़पालकों के पशुधन को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए वन विभाग, राजस्व विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर भेजी जाएगी। टीम द्वारा तैयार की जाने वाली मौका रिपोर्ट के आधार पर राहत एवं मुआवजा संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
“भेड़पालकों को हरसंभव सहायता मिलेगी”
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत शर्मा भरमौरी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वे प्रभावित भेड़पालकों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से नियमानुसार हरसंभव राहत और सहायता उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।