बच्चों को भी मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता, नालसा की चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज स्कीम 2024 का लाभ उठाएं
डलहौज़ी हलचल | चंबा
बच्चों को न्याय तक आसान और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा शुरू की गई चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज फॉर चिल्ड्रेन स्कीम-2024 के तहत अब प्रत्येक बच्चे को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा ने लोगों से इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया है।
बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विशेष पहल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एकांश कपिल ने बताया कि आम नागरिकों को सुलभ न्याय उपलब्ध करवाने के लिए नालसा द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुफ्त कानूनी सहायता योजना विशेष रूप से प्रभावी साबित हो रही है।
उन्होंने बताया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नालसा ने चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज फॉर चिल्ड्रेन स्कीम 2024 लागू की है।
हर बच्चे को मिलेगा मुफ्त कानूनी सहायता का अधिकार
इस योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अलावा बच्चों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण अधिकार भी प्रदान किए गए हैं:
बच्चों के प्रमुख अधिकार
- जानकारी प्राप्त करने का अधिकार
- अपना पक्ष रखने का अधिकार
- उनकी बात को गंभीरता से सुने जाने का अधिकार
- गोपनीयता और निजता का अधिकार
- कानूनी प्रक्रिया में सम्मानजनक व्यवहार का अधिकार
सहायता के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
एकांश कपिल ने बताया कि मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए नालसा द्वारा विशेष हेल्पलाइन सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
📞 नालसा लीगल एड हेल्पलाइन: 15100
📞 चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
📞 दिव्यांगजनों के लिए कानूनी सहायता हेल्पलाइन: 14456
इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर बच्चे, उनके अभिभावक या जरूरतमंद व्यक्ति कानूनी सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
जागरूकता से मिलेगा बच्चों को न्याय
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे बच्चों के कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध मुफ्त कानूनी सहायता सेवाओं का लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को न्याय दिलाने और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने में समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
