मानसून से पहले शिमला प्रशासन अलर्ट! पिछले 4 वर्षों में 283 मौतों से सबक, उपायुक्त ने जारी किए सख्त निर्देश

शिमला में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में मानसून तैयारियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहकर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मानसून से पहले शिमला प्रशासन अलर्ट! पिछले 4 वर्षों में 283 मौतों से सबक, उपायुक्त ने जारी किए सख्त निर्देश

डलहौज़ी हलचल | शिमला

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) शिमला की बैठक उपायुक्त एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए सभी विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सतर्क रहकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की ओर से जारी प्रत्येक अलर्ट पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान तुरंत शुरू किया जाएगा।

संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश

उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत बोर्ड, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम, अग्निशमन, राजस्व, वन, शिक्षा तथा अन्य संबंधित विभागों को मानसून से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान, जल निकासी व्यवस्था को सुचारू रखने, सड़कों से मलबा हटाने के लिए पर्याप्त मशीनरी एवं मानव संसाधन उपलब्ध रखने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

24×7 सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम

बैठक में उपायुक्त ने सभी उपमंडल दंडाधिकारियों, तहसीलदारों और फील्ड स्टाफ को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय रहेगा और मौसम विभाग की सभी चेतावनियों का तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।

चार वर्षों में 283 लोगों की गई जान

बैठक में वर्ष 2022 से 2025 तक आपदाओं से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा भी की गई। इस अवधि में जिले में विभिन्न आपदाओं के कारण कुल 283 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई।

इनमें—

  • सड़क दुर्घटनाओं में 134 मौतें
  • भूस्खलन से 61 मौतें
  • ऊंचाई से गिरने से 29 मौतें
  • डूबने से 21 मौतें
  • क्लाउड बर्स्ट की घटनाओं में 16 मौतें

दर्ज की गईं।

उपायुक्त ने कहा कि इन आंकड़ों से सीख लेते हुए जोखिम वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।

सामान्य से काफी अधिक हुई वर्षा

बैठक में पिछले चार वर्षों की वर्षा के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। वर्ष 2022 में 884.4 मिमी, वर्ष 2023 में 1009.4 मिमी, वर्ष 2024 में 721.5 मिमी तथा वर्ष 2025 में 1216.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 627.5 मिमी है।

चार वर्षों का औसत वर्षा स्तर सामान्य से लगभग 52.8 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि लगातार सामान्य से अधिक वर्षा की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को उच्च स्तर की तैयारियां बनाए रखनी होंगी।

बैठक में रहे उपस्थित

बैठक में एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) पंकज शर्मा, एडीएम (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, एसडीएम शिमला शहरी ओशिन शर्मा, डीएसपी वरुण पटियाल, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं फील्ड अधिकारी उपस्थित रहे।

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