तकनीकी शिक्षा के छात्रों को रोजगार से जोड़ने की बड़ी पहल, CM सुक्खू ने लॉन्च किया ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल
डलहौज़ी हलचल | शिमला
हिमाचल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसरों से सीधे जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने नई डिजिटल पहल की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार देर सायं तकनीकी शिक्षा विभाग के ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ किया। अपनी तरह के इस पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों और रोजगारदाताओं को एक ही प्रणाली से जोड़कर प्लेसमेंट और भर्ती प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ युवाओं और उद्योगों के बीच प्रभावी सेतु का काम करेगा और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

26,168 छात्रों का पंजीकरण, 23 हजार से अधिक की स्किल मैपिंग पूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल से प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों को बड़े स्तर पर जोड़ा जा चुका है। पोर्टल पर अब तक 164 शिक्षण संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), 18 पॉलिटेक्निक संस्थान, पांच इंजीनियरिंग कॉलेज और पांच फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं।
हिम एक्सेस इंटीग्रेशन के माध्यम से अब तक 26,168 विद्यार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें से 23,054 विद्यार्थियों की कौशल मैपिंग भी पूरी हो चुकी है। इसके अलावा 97 नियोक्ता भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हो चुके हैं।
छात्र बना सकेंगे प्रोफाइल, सीधे देख सकेंगे रोजगार के अवसर
पोर्टल को एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। यहां विद्यार्थी अपनी प्रोफाइल तैयार करने के साथ अपनी कौशल क्षमताओं, प्रशिक्षण और प्राप्त प्रमाणपत्रों का विवरण अपलोड कर सकेंगे।
विद्यार्थी उपलब्ध रोजगार अवसरों की जानकारी हासिल करने, नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने और अपने प्लेसमेंट की स्थिति की निगरानी करने में भी सक्षम होंगे। इससे उन्हें रोजगार के अवसरों और उद्योगों की जरूरतों तक सीधी पहुंच मिल सकेगी।

नियोक्ता सीधे खोज सकेंगे योग्य उम्मीदवार
रोजगारदाताओं के लिए भी पोर्टल पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। नियोक्ता अपना पंजीकरण करने के साथ रिक्त पदों की जानकारी साझा कर सकेंगे और आवश्यक योग्यता एवं कौशल के आधार पर पात्र उम्मीदवारों की प्रोफाइल देखकर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।
सफल नियुक्तियों की जानकारी भी पोर्टल के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराई जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे नियोक्ताओं और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के बीच सीधा और पारदर्शी संवाद स्थापित होगा तथा भर्ती प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी कम होगी।
इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर जैसे कुशल कामगारों को भी मिलेगा मंच
‘तकनीकी रोजगार सेतु’ केवल नियमित नौकरियों तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार इसके माध्यम से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर जैसे कुशल श्रमिकों की सेवाएं अल्प अवधि के कार्यों के लिए भी प्राप्त की जा सकेंगी।
ऐसे कुशल कामगार भी प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। इससे एक ओर लोगों और संस्थानों को जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित कामगार खोजने में सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कुशल युवाओं और श्रमिकों के लिए रोजगार के अतिरिक्त अवसर पैदा होंगे।
तकनीकी संस्थान भी कर सकेंगे प्लेसमेंट की निगरानी
प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थान पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों के डेटा का प्रबंधन, प्रोफाइल अनुमोदन और प्लेसमेंट परिणामों की निगरानी कर सकेंगे। इससे संस्थानों को विद्यार्थियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड बनाए रखने के साथ संभावित नियोक्ताओं और उद्योगों से बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन को मजबूत करने और युवाओं के लिए सार्थक रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी का प्रभावी इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने, युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और कुशल मानव संसाधन को गुणवत्तापूर्ण रोजगार से जोड़ने वाला एक विश्वसनीय मंच साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को कुशल मानव संसाधन के केंद्र के रूप में विकसित करने और प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं सुशासन विभाग के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
